Thursday, April 25, 2013

Attack on Dr. Lenin by three unidentified men who entered the house of Dr. Lenin forcibly, fired upon him and gave life threats


http://www.pvchr.net/2013/04/attack-on-dr-lenin-by-three.html


On April 24, 2013 at around 8 pm three unidentified assailants knocked at the house of Dr Lenin general secretary of PVCHR and called Dr Lenin outside the house and then suddenly fired upon him with pistol with the intention to kill Dr Lenin.
 
 Dr Lenin fortunately bent down and the bullet missed him but then suddenly the other assailant took out a knife and attacked Dr Lenin on his foot. After this all three assailants ran away taking advantage of the darkness in the lane outside Dr Lenin’s house. Dr Lenin tried to resist the assailants, also tried to catch them and even chased them on his newly purchases scooty but at the end of the lane at the main road construction was going on there was a JCB parked in the middle of the road. The driver of the JCB came down attacked Dr Lenin and then fled. Cops from Paharia police-out-post also came but no FIR was registered neither any step was taken for security.
 
 Immediately letter through email was sent to Director General of Police, Senior Superintendent of Police and National Human Rights Commission.
 

Monday, April 22, 2013

Submission To The UN Special Rapporteur on violence against women by PVCHR


Violation against women is a serious problem in India and it is putting a huge strain on a nation’s social and legal services and leads to heavy loss of productivity. It is an epidemic that losing self-confidence be afraid/angry, and blame/feel guilty. 

Thanks and best wishes to Shruti Nagvanshi and Shirin Shabana Khan from PVCHR

Human right approach of community work against torture and organized violence

Friday, April 19, 2013

उत्तर-प्रदेश के अलीगढ़ जिले में पुलिस द्वारा महिलाओं और बच्चों के ऊपर लाठीचार्ज कर मानवाधिकार का उल्लघन करने पर कार्यवाही के सम्बन्ध में

सेवा में, 19 अप्रैल, 2013
पुलिस महानिदेशक महोदय,
लखनऊ,
उत्तर-प्रदेश |

विषय : उत्तर-प्रदेश के अलीगढ़ जिले में पुलिस द्वारा महिलाओं और बच्चों
के ऊपर लाठीचार्ज कर मानवाधिकार का उल्लघन करने पर कार्यवाही के सम्बन्ध
में |

महोदय,

आपका ध्यान इस खबर की और आकृष्ट कराना चाहता हूँ कि बन्नादेवी
थानाक्षेत्र के गाँव नगला कलार में भट्टी धुलाई मजदूर हरी सिंह अपने
परिवार के साथ रहता है | बुधवार को रात दलित हरी सिंह की चौथे नम्बर की छ
वर्षीय बेटी परिजनों के साथ घर के बाहर सो रही थी, रात लगभग डेढ़ बजे
परिजनों की आँख खुली तो उन लोगो ने देखा कि बच्ची अपने बिस्तर पर नहीं थी
| काफ़ी देर तक तलाश करने के बाद उसकी पुत्री का शव घर से कुछ दूर एक खाली
प्लाट पर मिला | ह्त्या की खबर सुनकर धीरे धीरे गाँव के लोग इकट्ठा होने
लगे | शव को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उस बच्ची के साथ ह्त्या के
पहले दुष्कर्म किया गया था | जिससे लोगो ने शव को रास्ते पर रखकर जाम लगा
दिया | पुलिस ने शव को जबरन अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज
दिया | साथ ही भीड़ को हटाने के लिए उन पर लाठीचार्ज कर दिया | जिसमे
पुलिस वालो ने न तो महिलाओं को छोड़ा और न ही बच्चों को ही | सभी को
दौड़ा-दौड़ा कर पीटा | यह भी तथ्य सामने आया है कि कुछ लोगो ने पुलिस के इस
व्यवहार से नाराज होकर पथराव भी किया | जिन्हें पुलिस ने पकड़ भी लिया है
| लेकिन अभी तक ह्त्या के उस दोषी का कोइ भी सुराक नहीं ढूढ़ सकी है |
पुलिस ने जो अमानवीय कृत्य किया है मीडिया में ये खबर प्राकाशित
होने के कारण उसके एवज में पुलिस कर्मी निलंबित भी किये | लेकिन इस घटना
के
जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के निलम्बन मात्र से ही ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं
लगाई जा सकती | पुलिस के इस तरह के अमानवीय घटनाओं के दिन प्रति दिन बढ़ने
से आम जनता पुलिस से डराने लगी है और क़ानून के इन रक्षको के प्रति
विश्वास भी खोता जा रहा है |

अतः आपसे निवेदन है कि कृपया इस मामले को संज्ञान में लेते हुए उपद्रव
करने वालो के खिलाफ और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकद्दमा पंजीकृत
किया जाय | साथ ही इस घटना में जांच के दौरान यह भी ध्यान रखा जाय कि
बिना पुख्ता सबूत के किसी भी निर्दोष के खिलाफ कोइ भी कार्यवाही करके
परेशान न किया जाय | साथ ही इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाय जिसमे
स्थानीय पुलिस को न शामिल किया जाय बल्कि अलग से जांच टीम गठित किया जाय
|

संलग्नक :
1. अखबार की खबर की छायाप्रति |
2. Video Link Aaj Tak Chanel
https://www.facebook.com/photo.php?v=252105574933241&set=vb.100004014022901&type=2&theater


भवदीय
डा0 लेनिन
महासचिव
मानवाधिकार जननिगरानी समिती
9935599333
lenin@pvchr.asia


Please Visit :-
www.pvchr.asia
www.pvchr.net
www.testimonialtherapy.org
www.detentionwatch.blogspot.in

उत्तर-प्रदेश के अलीगढ़ जिले में पुलिस द्वारा महिलाओं और बच्चों के ऊपर लाठीचार्ज कर मानवाधिकार का उल्लघन करने पर कार्यवाही के सम्बन्ध में

सेवा में, 19 अप्रैल, 2013
अध्यक्ष महोदय,
राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग,
नई दिल्ली |

विषय : उत्तर-प्रदेश के अलीगढ़ जिले में पुलिस द्वारा महिलाओं और बच्चों
के ऊपर लाठीचार्ज कर मानवाधिकार का उल्लघन करने पर कार्यवाही के सम्बन्ध
में |

महोदय,
आपका ध्यान इस खबर की और आकृष्ट कराना चाहता हूँ कि बन्नादेवी
थानाक्षेत्र के गाँव नगला कलार में भट्टी धुलाई मजदूर हरी सिंह अपने
परिवार के साथ रहता है | बुधवार को रात दलित हरी सिंह की चौथे नम्बर की छ
वर्षीय बेटी परिजनों के साथ घर के बाहर सो रही थी, रात लगभग डेढ़ बजे
परिजनों की आँख खुली तो उन लोगो ने देखा कि बच्ची अपने बिस्तर पर नहीं थी
| काफ़ी देर तक तलाश करने के बाद उसकी पुत्री का शव घर से कुछ दूर एक खाली
प्लाट पर मिला | ह्त्या की खबर सुनकर धीरे धीरे गाँव के लोग इकट्ठा होने
लगे | शव को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उस बच्ची के साथ ह्त्या के
पहले दुष्कर्म किया गया था | जिससे लोगो ने शव को रास्ते पर रखकर जाम लगा
दिया | पुलिस ने शव को जबरन अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज
दिया | साथ ही भीड़ को हटाने के लिए उन पर लाठीचार्ज कर दिया | जिसमे
पुलिस वालो ने न तो महिलाओं को छोड़ा और न ही बच्चों को ही | सभी को
दौड़ा-दौड़ा कर पीटा | यह भी तथ्य सामने आया है कि कुछ लोगो ने पुलिस के इस
व्यवहार से नाराज होकर पथराव भी किया | जिन्हें पुलिस ने पकड़ भी लिया है
| लेकिन अभी तक ह्त्या के उस दोषी का कोइ भी सुराक नहीं ढूढ़ सकी है |
पुलिस ने जो अमानवीय कृत्य किया है मीडिया में ये खबर प्राकाशित होने के
कारण उसके एवज में पुलिस कर्मी निलंबित भी किये | लेकिन इस घटना के
जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के निलम्बन मात्र से ही ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं
लगाई जा सकती | पुलिस के इस तरह के अमानवीय घटनाओं के दिन प्रति दिन बढ़ने
से आम जनता पुलिस से डराने लगी है और क़ानून के इन रक्षको के प्रति
विश्वास भी खोता जा रहा है |
अतः आपसे निवेदन है कि कृपया इस मामले को संज्ञान में लेते हुए उपद्रव
करने वालो के खिलाफ और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकद्दमा पंजीकृत
किया जाय | साथ ही इस घटना में जांच के दौरान यह भी ध्यान रखा जाय कि
बिना पुख्ता सबूत के किसी भी निर्दोष के खिलाफ कोइ भी कार्यवाही करके
परेशान न किया जाय | साथ ही इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाय जिसमे
स्थानीय पुलिस को न शामिल किया जाय बल्कि अलग से जांच टीम गठित किया जाय
|

संलग्नक :
1. अखबार की खबर की छायाप्रति |
2. Link Aaj Tak Chanel
https://www.facebook.com/photo.php?v=252105574933241&set=vb.100004014022901&type=2&theater



भवदीया
श्रुती नागवंशी
ट्रस्टी
मानवाधिकार जननिगरानी समिती
pvchr.india@gmail.com
9935599330

Please Visit :-
www.pvchr.asia
www.pvchr.net
www.testimonialtherapy.org
www.detentionwatch.blogspot.in

Wednesday, April 10, 2013

Sharing Ideas!

Lenin Raghuvanshi, Executive Director, Peoples’ Vigilance Committee on Human Rights (PVCHR), India – ''I participated in the European Union Visitor Programme; and after meeting many people in Brussels during the program, PVCHR started few initiatives, such as:

  • Advocacy with Indian Government about European Parliament and India Parliament relationship, India-EU Human Rights dialogue and Corruption in National Rural Health Mission
  • FRIDE-PVCHR initiative on Asian Value and Bali democracy Forum
  • Human Rights without Frontier and PVCHR initiative for minority rights in India''

We hope you will get to know more about these initiatives soon!




Link on facebook: http://www.facebook.com/media/set/?set=a.522631651112928.1073741832.373787955997299&type=1



Monday, April 8, 2013

Alleged rape survivor, 10, locked up for hours by cops

PVCHR Communication

Tue, Apr 9, 2013 at 11:15 AM
To: covdnhrc , jrlawnhrc
Cc: PVCHR
To,
The Chairperson
National Human Rights Commission
New Delhi


Dear Sir,

I want to bring in your kind attention towards the news published in NDTV on 8th April, 2013 regarding Alleged rape survivor, 10, locked up for hours by cops
http://www.ndtv.com/article/cities/alleged-rape-survivor-10-locked-up-for-hours-by-cops-351531

Lucknow: A 10-year-old girl sits on the floor behind a mesh screen, which serves as a holding bay, at a women's police station in Bulandshahr in Uttar Pradesh. This was the response of women
constables when the child was brought here by her mother, alleging that the girl had been raped.

On Sunday night, the distraught mother told the women officer that a 24-year-old local villager had sexually assaulted her child.

A police case was registered and the child and mother were sent to local hospital for medical tests.

On Monday morning, they returned to the police station and women officers there allegedly forced the mother to leave and locked up the young girl.

A local free-lance television journalist who heard of the case rushed to the police station and managed to film the girl.

The reporter then took the footage to the district top cop to ask for assistance. The cop in charge of the station, Mrs Gayashree Chauhan, allegedly denied that the child had been locked up, despite the fact
that there was video evidence.

As punishment, she and another Senior Inspector were transferred on Monday evening by the Senior Superintendent of Police, Gulab Singh.Two constables were suspended.

The child has been sent home to her mother.

Three months ago, India was pulverised by the fatal gang-rape of a young student on a Delhi bus. Anger and a call for change gridded cities together. The government responded by promising to provide better policing for women and tougher laws to punish crimes against them.

The new laws require a female officer to record molestation and rape complaints.

The Bulandshahr case proves that unless the police is sensitised and better trained to handle cases of sexual crimes against women, the new laws run the risk of being ignored in practice.

Therefore it is a request please take appropriate action at earliest.

Thanking You

Shruti Nagvanshi
Managing Trustee PVCHR
Founder Savitiri Bai Phule Women Forum
Sa 4/2 A Daulatpur, Varanasi
Mobile NO: 09935599330

Poor for hanging but real culprit is out and free: mockery of Indian Judicial System


Our organisation has been supporting the case of Ramji and Suresh ji for a long time. We hope people of this country recognise the value of life and power of forgiveness.

Recognizing the voice of dalit and marginalized of India

Under “People” of human dignity forum, you will find extraordinary personalities who help achieve true change in the world with their courage and commitment on behalf of human rights. http://www.human-dignity-forum.org/about-us

The forum publish about 13 people Basha, Amal, Ben Mhenni, Lina, Bensedrine, Sihem, Darwish, Mazen, Eid, Gamal, Hassan, Bahey eldin, Karman, Tawakkol, Koirala, Anuradha, Mukwege, Denis, Nasraoui, Radhia, Raghuvanshi, Lenin, Seif El Dawla, Aida, Zeitouneh, Razan
http://www.human-dignity-forum.org/people/

People at the PVCHR are honoured for the name of Lenin Raghuvanshi, Founder and Executive Director in the category of People published http://www.human-dignity-forum.org/2012/05/lenin-raghuvanshi/

 

Sunday, April 7, 2013

Congratulation to Sapana Chaurasiya for HT women 2013 certificate of appreciation


Shabana Azami(Film actress from Bollywood),Sapana Chaurasiya and Mrs.Dimple Yadava


Congratulation to Sapana Chaurasiya for HT women 2013 certificate of appreciation with hand of Mrs. Dimple Yadav, MP and wife of Chief Minister of UP at Taj Hotel of Lucknow.It is a great honour for woman survivor to fight against domestic violence and sexual assault. Thanks to Hindustan Times.Please read full story:

http://www.pvchr.net/2013/03/recognition-of-woman-survivor-sapana.html

Wednesday, April 3, 2013

regarding beating and threat to Human Rights Defender Mr. Muharram Ali and staff of PVCHR in Ambedkar Nagar



PVCHR Communication< cfr.pvchr@gmail.com>Sat, Mar 30, 2013 at 12:05 PM
To: covdnhrc , jrlawnhrc
Cc: lenin

30thMarch, 2013
To,
The Chairperson
National Human Rights Commission
New Delhi


Dear Sir,
I want to bring in your kind attention towards the incident happened with Mr. Muharam Ali, a human rights defender from village Ahladadpur, Post- Tanda under jurisdiction Aliganj of Ambedkar Nagar district of Uttar Pradesh. http://muslim-minority.blogspot.in/2013/03/blog-post.html

Testimony of Muharam Ali

“On 3rd March, 2013 around 11 pm in the night the rioters entered in my house. They ransack and burned my house. I was recognizing the rioters so, on 9th March, 2013 I filed complain to Station House officer, Aliganj for the FIR (First Information Report) by name. (Please find as annexure 1)

On 25th March, 2013 around 9 pm in the night I was going to my brother Mohd. Idrish house. During that time Station Office (S.O) Aliganj along with 6 policemen get off the jeep and said to me that you are pretending to be leader. Come with me and identity the rioters and they asked me to sit in the jeep.

While reaching the railway crossing the station officer asked me what I am doing for my living. I gently said I am human rights defenders and I am also weaver. After hearing this S.O started to abuse me by using filthy words and said I will fire on you and throws you here then I will see you and your human rights. That time I was feeling very hapless and started to crying sir what mistake I did. I witness the rioters while burning my house than how can I make false statement. Then S.O started to give me four slaps on my rights ear and also beat four to five times with lathi. I fall on the ground and I was crying. The S.O threaten me if I am going to pursue this case then result will be worse for me.”

PVCHR is working in 10 villages of Tanda blocks of Ambedkar Nagar district for creating model villages. The police are giving threat to the staff for not making complain to National Human Rights Commission and also creating trouble in their routine work in the village.

Therefore it is kind request please take appropriate action at earliest to save the life of Mr. Muharam Ali who was before victim and now human rights defender and also staff.

Thanking You

Sincerely Yours
Lenin Raghuvanshi
Secretary General